चुकंदर खाने के फायदे

चुकंदर खाने के फायदे

सब्जी के रुप में भी चुकंदर सेहत के लिए काफी लाभदायक है. इसमें कार्बोहाइड्रेट और कम मात्रा में प्रोटीन और वसा पाया जाता है. इसका जूस सब्जियों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

- सलाद के रुप में भी इसका उपयोग सेहतमंद है.

- चुकंदर का जूस पीने से खून बढ़ता है.

- चुकंदर का जूस पीलिया, हेपेटाइटिस, मतली और उल्टी के उपचार में लाभप्रद है.

- चुकंदर के नियमित सेवन से कब्ज से बचा जा सकता है.

- ये बवासीर के रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. चुकंदर का जूस अकार्बनिक कैल्शियम को संग्रहित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है.

ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

 ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

यह एक सिंपल सा वर्कआउट है जो दिखने में थोड़ा कठिन लगता है मगर एक-दो बार के अभ्‍यास से इसे आसानी से किया जा सकता है। आप एक दीवार का सहारा ले कर इसे कर सकते हैं। इसे कभी भी अकेले ना करें, कोशिश करें कि आपके साथ एक दोस्‍त या घर का कोई सदस्‍य हो। यह वर्कआउट शरीर में खून के बहाव को तेज करेगा जिससे चेहरा निखरेगा। यह त्‍वचा से झुर्रियों को मिटाने में मददगार है।

1) पसीना बहाने वाला वर्कआउट :-
ऐसा कोई व्‍यायाम करें जिसमें शरीर से खूब पसीना निकले। आप के लिये एरोबिक्‍स या फिर स्‍विमिंग अच्‍छी रहेगी क्‍योंकि इससे पसीना निकलता है। इन व्‍यायामों से शरीर लचीला और त्‍वचा चमकदार बनती है।

शंखपुष्पी की सेवन विधि।

शंखपुष्पी का समग्र क्षुप अर्थात पंचांग ही एक साथ औषधीय उपयोग के काम आता है। इस पंचांग को सुखाकर चूर्ण या क्वाथ के रूप में अथवा ताजा अवस्था में स्वरस या कल्क के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। इनकी सेवन की मात्रा इस प्रकार है।
शंखपुष्पी पंचांग चूर्ण – ३ से ६ ग्राम की मात्रा में दिन में दो या तीन बार।
शंखपुष्पी स्वरस – २० से 45 मि ली दिन में दो या तीन बार।
शंखपुष्पी कल्क – १० से 20 ग्राम दिन में दो या तीन बार।

फल खाने का सही तरीका :

फल खाने का सही तरीका :

1. हमेशा ताजे फल खाएं और इसे दूध, दही या किसी चीज के साथ बिल्कुल भी ना खाएं। इसे खाने के कम से कम आधे घंटे तक कुछ भी ना खाएं।

2. कुछ फल ऐसे होते हैं जिन्हें आप दिन भर में कभी भी खा सकते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें शाम को नहीं खाना चाहिये।

3. फलों को खाने का सबसे सही वक़्त सुबह का होता है। आप सुबह खाली पेट फल खाएं तो वो बहुत फायदेमंद है। सिर्फ सिट्रस या खट्टे फलों को सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिये क्योंकि इससे एसिडिटी की समस्या हो सकती है।केला, सेब और आम जैसे फलों को आप सुबह खा सकते हैं।

4. अगर आप तरबूज खा रहे हैं तो उसके साथ कोई भी दूसरी चीज ना खाएं।

खाने के पहले या बाद में फल खाना

खाने के पहले या बाद में फल खाना

आयुर्वेद में बताया गया है कि जब आप खाने के ठीक पहले या बाद में फल खाते हैं तो उस समय सारा शरीर खाना को पचाने में व्यस्त रहता है। ऐसे में वो फल पेट में उसी तरह पड़ा रह जाता है।

आयुर्वेद में जो टॉक्सिन ठीक से पच नहीं पाते हैं उन्हें अमा का नाम दिया गया है। ऐसे में फल का वेस्टेज जो ठीक से पच नहीं पाता हैं वे आहार नली में जाकर इकठ्ठा होती रहती हैं। जिस वजह से पेट के एसिड का स्त्राव प्रभावित होता है साथ ही अपच और जलन जैसी समस्याएं होती हैं।

शोरगुल से बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

शोरगुल से बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

हाल ही में किए गए एक अध्‍ययन के अनुसार, ट्रैफिक शोर के कारण हार्टअटैक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। सड़क पर होने वाला शोर, रेल ट्रैफिक शोर, हवाईयात्रा के दौरान होने वाले शोर से व्‍यक्ति के दिल पर गहरा असर पड़ता है। हाईवे के नजदीक रहना, आपके दिल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अध्‍ययन के लिए, जर्मनी के प्रौद्योगिकी के ड्रेसडेन विश्‍वविद्यालय से एंड्रियास सीडलर और उनके मित्रों ने पूरे जर्मनी में कई वर्षों तक मूल्यांकन सांविधिक स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से जानकारी को प्राप्‍त किया और अध्‍ययन किया। 

करेला के औषधीय गुण

एक असाध्य बीमारी है मधुमेह ‘डायबिटीज’ । करेला मधुमेह के रोगियों के लिए ‘अमृत’ तुल्य है। 100 मिली. के रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है और प्रात: चार किलोमीटर टहलना चाहिए तथा मिठाई खाने से परहेज रखना चाहिए। करेला मधुमेह के अलावा अन्य शारीरिक तकलीफों में भी लाभदायक है। जैसे-
कब्ज : नित्य करेला सेवन करने से कब्ज दूर होता है। यह एक अनुपम सब्जी है और इसमें ज्यादा तेल-मसाले नहीं डालने चाहिए।

पीलिया : ताजा करेले का रस सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।
दमा : दमा के मरीज भी करेले का रस सुबह खाली पेट लेकर राहत पा सकते हैं। सब्जी भी ज्यादा खानी चाहिए।

मजबूत तथा स्वस्थ बालों के लिए

मजबूत तथा स्वस्थ बालों के लिए
  1. बालों में आमतौर पर कुछ समस्याएं जैसे- बालो का गिरना, सफेद बाल, डैण्ड्रफ, सिर की त्वचा के रोग इत्यादि शामिल हैं। 
  2. लेकिन बालों की समस्या को थोड़ी सावधानी बरतकर आसानी से दूर किया जा सकता है। मजबूत तथा स्वस्थ बालों के लिए तेल से मालिश आवश्यक है। 
  3. सर की मालिश करने से बालों की जड़ो को पोषण मिलता है और बालों के झड़ने में कमी आती है। 
  4. सरसो के तेल में मेहंदी की पत्ती गर्म करें। ठंडा कर के बालों में लगायें, इससे बालों का झड़ना रूक सकता हैं। 

सलाद देंगे एंटी ऑक्सिडेंट्स

सलाद देंगे एंटी ऑक्सिडेंट्स

महिलाओं को सलाद जरूर खाना चाहिए। हरे सलाद में विटामिन ई व कैरोटिन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा को तंदुरुस्त बनाने के लिए बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट्स हैं। सलाद में खासतौर पर टमाटर जरूर होना चाहिए। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन व करॉटिनाइड में सूर्य की पराबैगनी किरणों से होने वाले नुकसान से लड़ने की शक्ति होती है। टमाटर के अलावा गाजर में भी करॉटिनाइड की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए सलाद में गाजर व टमाटर शामिल करने से त्वचा पर प्रदूषण व सनबर्न का कोई असर नहीं होता।

फलों से मिलेगा कॉलेजन

फलों से मिलेगा कॉलेजन

फलों में विटामिन सी सबसे अधिक मात्रा में होता है। खासकर, जो फल स्वाद में खट्टे होते हैं, जैसे आम, अनार, स्ट्रॉबेरी, संतरा, पपीता मौसमी, अनन्नास, अमरूद व अन्य फल, उनमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। इन फलों को खाने से त्वचा के लिए आवश्यक विटामिन सी की पूर्ति होती है। विटामिन सी से त्वचा को कॉलेजन मिलता है। कॉलेजन से ही त्वचा तंदुरुस्त रहती है, इसलिए अगर आप फल खाती रहती हैं तो त्वचा को कॉलेजन मिलता रहता है। कॉलेजन त्वचा की खराब कोशिकाओं का फिर से निर्माण करके त्वचा के रूखेपन को दूर करता है और उसकी चमक बनाए रखता है। फल खाने से त्वचा में भीतर से निखार आता है। विटामिन सी झुर्रियों को रोकने

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