ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

क्‍या आप कभी कभी ऐसा नहीं सोचती कि काश कोई ऐसी एक्‍सरसाज होती जो आपके चेहरे को एक बार में ही निखार सकती? रोज जिम जा कर घंटो पसीना बहा कर भी शरीर पर उतना फरक नहीं दिखता जितना कि आप इन वर्कआउट से खुद को निखार सकती हैं। अगर आपको चमकदार और झर्रियों रहित चेहरा चाहिये तो अपनाएं हमारे दिये हुए व्‍यायाम। ये व्‍यायाम करने मे बिल्‍कुल भी कठिन नहीं हैं।

आपका चेहर तभी खूबसूरत और स्‍वस्‍थ दिख सकता है जब उसमें ब्‍लड का सर्कुलेशन अच्‍छा हो। क्‍योंकि ब्‍लड सर्कुलेशन से चेहरे पर ग्‍लो आता है। तो देर किस बात की है अब ब्‍यूटी पार्लर पर पैसे खर्च करना बंद करिये और अपनाइये इन व्‍यायामों को।

हल्दी के प्रयोग से रहें निरोग

हल्दी के प्रयोग से रहें निरोग

हमारे किचन में एक मसाले के रूप में व्यवहृत हल्दी  अपने भीतर सैंकडों  आरोग्यकारी गुण समाविष्ट किये हुए है | नीचे  पूरा वर्णन  दिया जा रहा है-- 
सौन्दर्यवर्धक

सीताफल से उग आएंगे सिर के उड़े हुए बाल

सीताफल न केवल एक अच्छा फल है बल्कि अपनी बहुत सारी खूबियों के साथ यह हमारी सेहत के लिए कमाल का होता है सीताफल इतने गुणों से भरपूर है कि शायद ही शरीर का कोई हिस्सा ऐसा हो जिसे यह फायदा न पहुंचाता हो। क्योंकि सीताफल शरीर की कमजोरी के लिए दूर करने के लिए सीताफल एक अच्चा विकल्प हो सकता है और साथ ही रोगप्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढाता है हम आपको सीताफल के गुणों के बारे में बताते हैं 

रूखी त्वचा से निपटने के आयुर्वेदिक नुस्खे

आयुर्वेद में किफायती और केमिकल रहित अनेक उपाय हैं जो त्वचा को मुलायम (Soft), कोमल (Supple) और सुंदर (Beautiful) बनाते हैं। इन्हें जानने से पहले आइये उन कारणों के जानते हैं जो हमारी त्वचा को रुखा बनाते हैं।

त्वचा में रुखेपन के कारण (Causes of Dryness in Skin)

  • उम्र का बढ़ना
  • मौसम में परिवर्तन
  • शरीर में वात (Vata) का बढ़ जाना
  • तनाव (Stress)
  • संतुलित भोजन (Balanced Diet) न ग्रहण करना

त्वचा में रुखेपन के आयुर्वेदिक नुस्खे (Ayurvedic Tips to curb Dryness in Skin)

जड़ी बूटी के रहस्य

इन जड़ी-बूटियों का उल्लेख योग, आयुर्वेद और ध्यान की किताबों में मिलता है। माना जाता रहा है कि सोमरस भी इसी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। आप कोई भी जड़ी-बूटी चुन सकते हैं और फिर जड़ी-बूटियों का काम्बिनेशन में उपयोग कर सकते हैं क्योंकि जड़ी बूटियों के प्रभाव हमेशा सिनर्जेस्टिक होते हैं। हालांकि इसका विशेष ध्यान रखें कि जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अनुसार की किया जाना चाहिए। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और तासीर अलग-अलग होती है।

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