ग्रीन टी पीने का सही तरीका क्‍या है

ग्रीन टी पीने का सही तरीका क्‍या है

हरी चाय (अंग्रेज़ी: ग्रीन टी) एक प्रकार की चाय होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। इसके बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है। इसका उद्गम चीन में हुआ था और आगे चलकर एशिया में जापान से मध्य-पूर्व की कई संस्कृतियों से संबंधित रही। इसके सेवन के काफी लाभ होते हैं। प्रतिदिन कम से कम आठ कप ग्रीन टी हृदय रोग होने की संभावनाओं को कम करने कोलेस्ट्राल को कम करने के साथ ही शरीर के वजन को भी नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होती है। प्रायः लोग ग्रीन टी के बारे में जानते हैं लेकिन इसकी उचित मात्र न ले पाने की वजह से उन्हें उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।

1. दूध न मिलाएं: जब वज़न घटाने के लिए हर्बल टी बनाई जाती है और उसमें दूध मिलाया जाता है तो यह प्रभावकारी नहीं होती। दूध में उपस्थित पोषक तत्वों के कारण वज़न कम करने में बाधा आती है। इसके अलावा दूध और तुलसी का प्रयोग एक साथ नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।

2. कभी भी शक्कर न मिलाएं: हर्बल टी में शक्कर मिलाने से उसमें कैलोरीज़ बहुत बढ़ जाती हैं। इस कारण हर्बल टी पीने का उद्देश्य पूरी तरह ख़तम हो जाता है। अत: इसमें कभी भी शक्कर न मिलाएं बल्कि स्वाद के लिए आप शहद और गुड मिला सकते हैं।

3. इसे फिर से गर्म न करें: हर्बल टी को पुन: गर्म करने से उसमें उपस्थित प्राकृतिक हर्बल गुण ख़त्म हो जाते हैं। अच्छा होगा कि आप ताज़ी बनी हुई चाय पीयें तभी इसे पीने का उद्देश्य पूरा होता है।

4. इसे हमेशा न पीते रहें: हर्बल टी इसलिए नहीं है कि जब भी आपका दिल करे आप इसे पी लें। इसके सेवन का एक निश्चित समय होता है। उदाहरण के लिए तुलसी की चाय सुबह पीने से पाचन अच्छे से होता है। किसी भी हर्बल टी का उपयोग करने से पहले अच्छा होगा कि आप डॉक्टर की सलाह ले लें।

5. चाय बनाते समय कभी ढक्कन न लगायें: हरबल टी बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि ढक्कन खुला हुआ हो और पानी भाप बनकर उड़ रहा हो। आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करने से हर्बल टी से स्वास्थ्य को मिलने वाले लाभ बढ़ जाते हैं।