जरूरी है व्यायाम

जरूरी है व्यायाम

अक्सर लोग जाड़े के दिनों में व्यायाम बंद कर देते हैं। इसका बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। हमारे देश में जाड़े के मौसम में लोग भोजन की खुराक बढ़ा देते हैं। बड़ों के दबाव में बच्चों को भी ज्यादा खाना पड़ता है। इस दौरान लोग अक्सर खाने में तेल और घी का उपयोग काफी बढ़ा देते हैं। जाड़े का मौसम लोगों को आलसी भी बनाता है। इस तरह शरीर पर दोहरा बोझ पड़ जाता है। इसमें संतुलन कायम रखना बहुत जरूरी है। नियमित व्यायाम कर के आप अपने शरीर का रक्त संचार और ऑक्सीजन का स्तर दोनों ठीक रख सकते हैं। यह आपको ठंड से लड़ने में मदद करेगा। आयुर्वेद में कई ऐसे तरीके भी बताए गए हैं, जिनके जरिए बच्चों को अंदर से मजबूत बनाया जा सकता है। इनका शरीर पर दुष्प्रभाव भी नहीं होता।

जाड़े में बच्चे के शरीर की साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इस मौसम में अक्सर अनेक वयस्क लोग भी नहाने से कतराते हैं, फिर बच्चों का तो कहना ही क्या, लेकिन बच्चों को जाड़े के मौसम में भी नियमित स्नान करने की आदत डालें।

स्वाभाविक है कि इस मौसम में बच्चे ठंडे पाने से नहाने से कतराते हैं, लेकिन नहाने का पानी ज्यादा गर्म भी नहीं होना चाहिए। पानी जितना गर्म होगा, शरीर अपना बाहरी तापमान उसी के मुताबिक अनुकूलित कर लेता है। बच्चों को ज्यादा गर्म पानी से नहलाने पर ठंड उसे अधिक परेशान करेगी। जाड़े में बच्चों की त्वचा का भी खास ध्यान रखना होता है। ऐसे में बच्चों को कोमल त्वचा की देख-भाल पर अलग से ध्यान देना नहीं भूलें। जाड़े के दिनों में इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि बच्चे पानी पीना कम नहीं करें। इससे डिहाइड्रेशन होने की आशंका तो होती ही है, होंठ भी बहुत सूखते हैं। पर्याप्त पानी पीकर फटे होठ की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। ये उपाय आपके बच्चों को कई गंभीर परेशानियों से बचा सकते हैं।