स्वास्थ्य

विटामिन डी की कमी के ख़तरे

विटामिन डी की कमी के ख़तरे

न्यूरोलॉजी नाम की पत्रिका में छपे शोध में कहा गया है कि विटामिन डी की कमी से उम्रदराज़ लोगों में पागलपन का ख़तरा बढ़ जाता है.

मछली, दालों और त्वचा के सूरज की रोशनी के संपर्क में आने से विटामिन डी मिलता है.

ब्रिटेन के शोधकर्ता 65 साल से अधिक की उम्र के 1,650 से अधिक लोगों पर किए अध्ययन के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं.

हालाँकि इस नतीजे पर पहुंचने वाला यह पहला शोध नहीं है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन काफी विस्तृत था.

बढ़ेगा ख़तरा

कैल्शियम की कमी दूर करें

कैल्शियम की कमी दूर करें

कैल्शियम हमारे शरीर का महत्वपूर्ण घटक है। कार्बन, हाइड्रोजन और नाइट्रोजन के बाद शरीर में कैल्शियम की मात्रा सबसे अधिक होती है। हड्डियों और दांतों की संरचना के अलावा कैल्शियम का कुछ भाग रक्त में भी घुला होता है, जो शरीर की प्रक्रियाओं को सही ढंग से चलाने में मुख्य किरदार निभाता है। 

हैल्दी ब्रेकफास्ट जरूर लें

हैल्दी ब्रेकफास्ट जरूर लें

जो लोग ब्रेकफास्ट नहीं करते उन्हें तरह-तरह की शारीरिक समस्याएं तो होती ही हैं, इसके अलावा वो पूरे दिन थके-थके से रहते हैं। इसलिए हर दिन हैवी हैल्दी नाश्ता लें। ध्यान रहे नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर के साथ-साथ सारे पोषक तत्व शामिल हों, जैसे ओट्स, दलिया, दूध, पनीर, फल वगैरह। अच्छे ब्रेकफास्ट से दिन की शुरुआत करने से आप खुद में एक खास बदलाव देख पाएंगी।

स्तनपान करने वाले बच्चे युवाकाल में अधिक आईक्यू वाले होते हैं

स्तनपान करने वाले बच्चे युवाकाल में अधिक आईक्यू वाले होते हैं

स्तनपान को हमेशा से ही बच्चे की सेहत के लिए लाभदायक माना जाता रहा है। एक ताजा शोध में कहा गया है कि जन्म के बाद ज्यादा दिनों तक स्तनपान करने वाले बच्चे युवाकाल में अधिक आईक्यू वाले होते हैं और यह उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति के लिए भी फायदेमंद है।

जरूरी है व्यायाम

जरूरी है व्यायाम

अक्सर लोग जाड़े के दिनों में व्यायाम बंद कर देते हैं। इसका बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। हमारे देश में जाड़े के मौसम में लोग भोजन की खुराक बढ़ा देते हैं। बड़ों के दबाव में बच्चों को भी ज्यादा खाना पड़ता है। इस दौरान लोग अक्सर खाने में तेल और घी का उपयोग काफी बढ़ा देते हैं। जाड़े का मौसम लोगों को आलसी भी बनाता है। इस तरह शरीर पर दोहरा बोझ पड़ जाता है। इसमें संतुलन कायम रखना बहुत जरूरी है। नियमित व्यायाम कर के आप अपने शरीर का रक्त संचार और ऑक्सीजन का स्तर दोनों ठीक रख सकते हैं। यह आपको ठंड से लड़ने में मदद करेगा। आयुर्वेद में कई ऐसे तरीके भी बताए गए हैं, जिनके जरिए बच्चों को अंदर से मजबूत बनाया

सुबह की धूप फायदेमंद

सुबह की धूप

कुछ जगहों पर तेज शीतलहर चलने लगी है, जबकि दूसरी जगहों पर भी ऐसी बयार आने की तैयारी में है। ऐसे में जरूरी है कि तेज हवा के झोंकों से बच्चों को बचाया जाए, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि तापमान थोड़ा कम होते ही आप उन्हें ताजा हवा और आउटडोर गेम्स से पूरी तरह दूर कर दें। जाड़े में दिन छोटे होते हैं। कुछ दिनों बाद तो अक्सर धूप भी मुश्किल से दिखेगी। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के शरीर को धूप लगे। इस मौसम में भी बच्चों को कुछ समय के लिए बाहर खेलने की छूट देनी चाहिए। यह भी ध्यान रहे कि खासकर सुबह की धूप शरीर में विटामिन डी की कमी को दूर करती है।

स्वच्छता पर ध्यान दें

डॉक्टर भी कहते हैं कि बच्चों को बेहद ठंडी हवा और बहुत कम तापमान की स्थिति से बचाना जरूरी है, लेकिन इतना ही जरूरी वे एक और सावधानी को बताते हैं। उनके मुताबिक इस मौसम में बच्चों को साफ-सफाई उपलब्ध करवाने और संक्रमण से दूर रखने का खयाल रखना और भी जरूरी है। यानी सिर्फ तेज हवा से बचा लेना या खूब सारे गर्म कपड़े पहना देना पर्याप्त नहीं। भोजन से लेकर साफ-सफाई तक में इस दौरान अलग से सावधानी बरतनी होती है।

सर्दियों में सांस के रोगी रहें सचेत

सर्दियों में सांस के रोगी रहें

सर्दियों में तापमान में कमी और वातावरण में प्रदूषित तत्वों की बढ़ी हुई मात्रा सेहत के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है। सर्दियों का मौसम खासतौर पर सांस के मरीजों के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन जाता है। इस मौसम में सांस संबंधी दिक्कतें जैसे दमा, फ्लू और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
प्रदूषित कोहरे का दुष्प्रभाव

ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

 ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

यह एक सिंपल सा वर्कआउट है जो दिखने में थोड़ा कठिन लगता है मगर एक-दो बार के अभ्‍यास से इसे आसानी से किया जा सकता है। आप एक दीवार का सहारा ले कर इसे कर सकते हैं। इसे कभी भी अकेले ना करें, कोशिश करें कि आपके साथ एक दोस्‍त या घर का कोई सदस्‍य हो। यह वर्कआउट शरीर में खून के बहाव को तेज करेगा जिससे चेहरा निखरेगा। यह त्‍वचा से झुर्रियों को मिटाने में मददगार है।

1) पसीना बहाने वाला वर्कआउट :-
ऐसा कोई व्‍यायाम करें जिसमें शरीर से खूब पसीना निकले। आप के लिये एरोबिक्‍स या फिर स्‍विमिंग अच्‍छी रहेगी क्‍योंकि इससे पसीना निकलता है। इन व्‍यायामों से शरीर लचीला और त्‍वचा चमकदार बनती है।

शोरगुल से बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

शोरगुल से बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

हाल ही में किए गए एक अध्‍ययन के अनुसार, ट्रैफिक शोर के कारण हार्टअटैक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। सड़क पर होने वाला शोर, रेल ट्रैफिक शोर, हवाईयात्रा के दौरान होने वाले शोर से व्‍यक्ति के दिल पर गहरा असर पड़ता है। हाईवे के नजदीक रहना, आपके दिल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अध्‍ययन के लिए, जर्मनी के प्रौद्योगिकी के ड्रेसडेन विश्‍वविद्यालय से एंड्रियास सीडलर और उनके मित्रों ने पूरे जर्मनी में कई वर्षों तक मूल्यांकन सांविधिक स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से जानकारी को प्राप्‍त किया और अध्‍ययन किया। 

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