रोग एवं निदान

माइग्रेन पर नियंत्रण पाना

माइग्रेन पर नियंत्रण पाना

माइग्रेन या आधासीसी का दर्द मधुमेह तथा दमे की बीमारी से भी ज्यादा पाया जाता है परंतु चालीस लाख भारतीयों में से सिर्फ दो प्रतिशत ही ऐसे हैं जो इस रोग का पूर्ण रूप से इलाज करवाते हैं। पुरुषों की तुलना में माइग्रेन महिलाओं को ज्यादा होता है। कुछ अध्ययन दर्शाते हैं कि प्रत्येक चार में से एक गर्भवती महिला इसका शिकार बनती है। अध्ययन में यह भी पता चला कि पुरुष तो इसका इलाज कराने को तत्पर रहते हैं परंतु महिलाएं ऐसा नहीं करतीं। वे या तो इस दर्द को झेलती रहती हैं या फिर दर्द निवारक गोलियों का सहारा लेकर इससे छुटकारा पा लेना चाहती हैं।

मर्म चिकित्सा

मर्म चिकित्सा दरअसल अपने अंदर की शक्ति को पहचानने जैसा है। दरअसल, शरीर की स्वचिकित्सा शक्ति (सेल्फ हीलिंग पॉवर) ही मर्म चिकित्सा है। मर्म चिकित्सा से सबसे पहले शांति व आत्म नियंत्रण आता है और सुख का अहसास होता है।

बुखार में क्या नहीं खाएं

बुखार में क्या नहीं खाएं

ब हम आपको बताने जा बुखार होने पर क्या नहीं खाना चाहिए। बहुत सारे ऐसे खाद्य अपदार्थ होते हैं जो हमें बुखार होने पर नहीं खाने चाहिए जिससे हमारा बुखार जल्दी से जल्दी सही हो जाये।

संक्रमित भोजन करने से बचे 

बुखार एक संक्रमण है जिसमें कई विनाशकारी बैक्टीरिया हमारे शरीर में घुसते रहते हैं और शरीर को हानि पहुंचते हैं। अब यह बहुत जरूरी है की इस संक्रमण का सही तरह से निषेध किया जाए। आप जब भी फल खाएं उन्हें अच्छी तरह से धो कर खाएं, एक बार काटे गए फल को उसी समय खा लेना चाहिए क्यूंकि इससे काटे गए फल पर ज्यादा बैक्टीरिया आकर बैठ जाते हैं। बांसी भोजन करने से बचें।

डेंगू से बचाने के लिए आएगा टीका

देश में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच औषधि कंपनी सनोफी ने मंगलवार को कहा कि मच्छर के काटने से होने वाली इस बीमारी का टीका 2015 की दूसरी छमाही में उपलब्ध होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो यह दुनिया में डेंगू का पहला टीका होगा।

फ्रांस की दवा कंपनी सनोफी का वैक्सीन प्रभाग सनोफी पैश्चर ने इसकी घोषणा की। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह अपने टीके के पंजीकरण के लिये आवेदन देगी और अगर नियामकीय मंजूरी मिल जाती है तो दुनिया का पहला डेंगू टीका 2015 की दूसरी छमाही में उपलब्ध हो सकता है।

कोमा में भी चलता है दिमाग़

कोमा में भी चलता है दिमाग़

घातक दिमाग़ी चोट वाले मरीज़ों के बारे में अमूमन डॉक्टरों की यह धारणा होती है कि भले ही वे जगे हुए नज़र आते हैं लेकिन वे आस-पास की दुनिया से अनजान होते हैं.

शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि उनके काम से ऐसे मरीज़ों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिनमें वास्तव में चेतना है लेकिन वे संवाद करने में असमर्थ हैं.

वैज्ञानिकों ने निष्क्रिय अवस्था में पड़े 13 मरीज़ों का शोध करते वक़्त उनके दिमाग़ की नसों की विद्युतीय गतिविधि का आकलन करने के लिए इलेक्ट्रोड का इस्तेमाल किया.

बुखार होने पर क्या खाना चाहिए

बुखार होने पर क्या खाना चाहिए

जब भी मौसम बदलता है तो वायरल वाली बीमारियां आनी शुरू हो जाती हैं। जिसके लिए बहुत जरूरी है की हमारा खान-पान बहुत अच्छा होना चाहिए जिससे हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहे। हर एक रोग में सही खान-पान महत्वा रखता है और उसके फायदे भी होते हैं। बिमारी में न खाने से इंसान में कमजोरी महसूस होने लगती है।

ऐसा केवल ज्यादा बुखार की वजह से होता है, पाचन क्रिया का कमजोर होना और मुंह का स्‍वाद गायब होना। इस दौरान आपको ऐसे भोजन करने चाहिये जो टेस्‍टी भी हो और स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक भी। बुखार चढ़ने पर ऐसे भोजन करें जो शरीर को राहत पहुंचाए। हम आज कुछ इन्‍हीं भोजन की बात करेगें।

चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल

चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल

कढाई मे दोनो तेल डाल कर तेज गैस पर गर्म करो फिर गैस को धीमी करके हल्दी और कपूर को छोड कर  सारी चीजो को डाल दो , जब तक सारी चीजे जल न जाए और उन का सत तेल मे ना आ जाऐ , करीब 20-25 मिन्ट लगेंगे इन्हें जलने मे जब ये भून जाएगें तब तेल का रंग गहरा हो जाएगा फिर गैस बंद कर दे और उसमे हल्दी ,कपूर मिला दे जब तक कपूर घुल ना जाए तब तक तेल को ठंडा होने दे फिर तेल को छान कर एक शीशी मे भर कर रखो , कैसा भी बुरा  दर्द हो  इससे मालिश से गायब हो जाएगा 
कृप्या कोई भी पेन किलर ना खाऐ तबियत खराब हो जाएगी चिकन गुनिया मे  ये तेल बहुत असरदार है बनाकर मालिश करके देखे जिन्हे तकलीफ हो