शुक्र क्षय व नपुंसकता -कपिकच्छु

इसकी लता सेम के समान होती है हिन्दी में इसे केवाच या कौंच कहते है पत्र ३-६ इंच लम्बे होते है इस पर नीले या बैंगनी रंग के पुष्प आते है 

इसके बीजो में प्रोटीन ,खनिज पदार्थ ,कैल्शियम ,फस्फोरोस ,लोह ,गंधक ,मैगजीन होता है 

बीजो में डोपा ,ग्लुताबयन,लेसिथिन ,गेलिक एसिड ,ग्लूको - साइड क्षार ,निकोटीन आदि पाए जाते है 

बीज मज्जा से भूरे रंग का तेल निकलता है 

बीज व मूल चूर्ण नाडी की कमजोरी में प्रयोग होते है 

गंडूपद कीड़ो को मरने के  लिए १२५ मिली ग्राम फलो के रोम गुड या  मक्खन ,में मिला कर देते है 

मूत्र व गुर्दा रोगों में देते है