आयुर्वेद

बड़े काम का है शहद

बड़े काम का है शहद

एंटीएजिंग गुण
शहद में एन्टीबैक्टीरियल और एन्टीमाइक्रोबियल तत्व पाये जाते हैं। ये स्किन से डेड सेल्स निकाल कर झुर्रियों को आने से रोकता है। शहद ह्युमेंक्टेंट यौगिक से भरपूर होता है जो त्वचा में नमी बरकरार रखते हैं ताकि त्वचा की कोमलता बनी रहे। अगर इसे रोज त्वचा पर लगाया जाए तो आपकी त्वचा चमकदार और कोमल हो जाती है।

रीठा के बालों के...ही नहीं त्वचा व सेहत के लिए भी लाभ

रीठा एक प्राकृतिक क्लींजर है यह बाल व त्वचा की गंदगी और तेल को निकालने में मदद करता है। रीठा का वृक्ष बडा तथा पत्ते लंबे होते हैं। इसके हल्के गुलाबी रंग के फूल ही फूलों का रूप धारण कर लेते हैं। इसका फल पानी में डाले पानी में डालने पर झाग उत्पन्न करता है। हिस्टीरिया के दौरे पडने वाले रोगी के छिलकों को जलाकर उसका धुआं देना चाहिए एक महा तक उसकी धूनी के प्रयोग से हिस्टीरिया के दौरे पडने बंद हो जाते हैं। 

फलों और सब्जियों पर दें ध्यान

फलों और सब्जियों

पूरे जाड़े के मौसम में बच्चों को फल और सब्जियां पर्याप्त मात्रा में खिलाएं। जाड़े में उपलब्ध होने वाले कुछ फलों को लेकर लोगों में अनेक भ्रांतियां व्याप्त हैं, मगर यह सोचकर कि ये ठंडी तासीर के होते हैं, बच्चों को इनके फायदे से दूर नहीं करें।

अधिकांश जगहों पर इन दिनों अमरूद पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। इसी तरह आंवला तो खास तौर पर इसी मौसम में होता है और इसे शरीर के लिए अमृत की तरह माना गया है। नियमित रूप से बच्चा अगर एक आंवला खा ले, तो उसकी रोग प्रतिरोधी क्षमता काफी बढ़ सकती है। सर्दियों में बच्चों को विटामिन और मिनरल से भरपूर आहार देना चाहिए।

तेजपत्ते में होते हैं ये औषधीय गुण

मसाले के तौर पर इस्तेमाल होने वाली इन पत्तियों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में ऐंटी-ऑक्सिडेंट पाया जाता है। इसके अलावा इन पत्तियों में कई तरह के प्रमुख तत्व जैसे कॉपर, पोटैशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और आयरन पाया जाता है। किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। तेजपत्ते को उबालकर उस पानी को ठंडा करके पीने से किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी समस्याओं में फायदा मिलता है। सोने से पहले तेजपत्ते का इस्तेमाल करना अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद है। तेजपत्ते के तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर पीने से अच्छी नींद आ

बैक्टीरिया से लड़ता है नीम

दुनिया बैक्टीरिया से भरी पड़ी है। हमारा शरीर बैक्टीरिया से भरा हुआ है। एक सामान्य आकार के शरीर में लगभग दस खरब कोशिकाएँ होती हैं और सौ खरब से भी ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं। आप एक हैं, तो वे दस हैं। आपके भीतर इतने सारे जीव हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। इनके बिना हम जिंदा नहीं रह सकते, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। अगर आप नीम का सेवन करते हैं, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया को आपकी आंतों में ही नष्ट कर देता है।

खाने के पहले या बाद में फल खाना

खाने के पहले या बाद में फल खाना

आयुर्वेद में बताया गया है कि जब आप खाने के ठीक पहले या बाद में फल खाते हैं तो उस समय सारा शरीर खाना को पचाने में व्यस्त रहता है। ऐसे में वो फल पेट में उसी तरह पड़ा रह जाता है।

आयुर्वेद में जो टॉक्सिन ठीक से पच नहीं पाते हैं उन्हें अमा का नाम दिया गया है। ऐसे में फल का वेस्टेज जो ठीक से पच नहीं पाता हैं वे आहार नली में जाकर इकठ्ठा होती रहती हैं। जिस वजह से पेट के एसिड का स्त्राव प्रभावित होता है साथ ही अपच और जलन जैसी समस्याएं होती हैं।

करेला के औषधीय गुण

एक असाध्य बीमारी है मधुमेह ‘डायबिटीज’ । करेला मधुमेह के रोगियों के लिए ‘अमृत’ तुल्य है। 100 मिली. के रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है और प्रात: चार किलोमीटर टहलना चाहिए तथा मिठाई खाने से परहेज रखना चाहिए। करेला मधुमेह के अलावा अन्य शारीरिक तकलीफों में भी लाभदायक है। जैसे-
कब्ज : नित्य करेला सेवन करने से कब्ज दूर होता है। यह एक अनुपम सब्जी है और इसमें ज्यादा तेल-मसाले नहीं डालने चाहिए।

पीलिया : ताजा करेले का रस सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।
दमा : दमा के मरीज भी करेले का रस सुबह खाली पेट लेकर राहत पा सकते हैं। सब्जी भी ज्यादा खानी चाहिए।

फलों से मिलेगा कॉलेजन

फलों से मिलेगा कॉलेजन

फलों में विटामिन सी सबसे अधिक मात्रा में होता है। खासकर, जो फल स्वाद में खट्टे होते हैं, जैसे आम, अनार, स्ट्रॉबेरी, संतरा, पपीता मौसमी, अनन्नास, अमरूद व अन्य फल, उनमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। इन फलों को खाने से त्वचा के लिए आवश्यक विटामिन सी की पूर्ति होती है। विटामिन सी से त्वचा को कॉलेजन मिलता है। कॉलेजन से ही त्वचा तंदुरुस्त रहती है, इसलिए अगर आप फल खाती रहती हैं तो त्वचा को कॉलेजन मिलता रहता है। कॉलेजन त्वचा की खराब कोशिकाओं का फिर से निर्माण करके त्वचा के रूखेपन को दूर करता है और उसकी चमक बनाए रखता है। फल खाने से त्वचा में भीतर से निखार आता है। विटामिन सी झुर्रियों को रोकने

लौकी के गुण

लौकी के गुण

लौकी को कच्‍चा भी खाया जाता है, यह पेट साफ करने में भी बड़ा लाभदायक साबित होती है और शरीर को स्‍वस्‍य और शुद्ध भी बनाती है। लंबी तथा गोल दोनों प्रकार की लौकी वीर्य वर्धक , पित्‍त तथा कफनाशक और धातु को पुष्ट  करने वाली होती है। आइए इसके औषधीय गुणों पर एक नज़र डालते हैं- 

1. हैजा होने पर 25 एम.एल. लौकी के रस में आधा नींबू का रस मिलाकर धीरे-धीरे पिएं। इससे मूत्र बहुत आता है। 

2.खांसी, टीबी, सीने में जलन आदि में भी लौकी बहुत उपयोगी होती है। 

ब्लैक टी, खट्टे फल से कम होता है गर्भाशय कैंसर का खतरा

ब्लैक टी, खट्टे फल से कम होता है गर्भाशय कैंसर का खतरा

हर दिन ब्लैक टी व खट्टे फलों का सेवन और कभी-कभी रेड वाइन का सेवन गर्भाशय कैंसर के खतरे को कम करता है। शोध के नतीजों में पाया गया कि जो महिलाएं भरपूर मात्रा में फ्लेवोनोल युक्त खाद्य या पेय पदार्थो, जैसे- चाय, रेड वाइन, सेब, अंगूर आदि का सेवन करती हैं, उन्हें गर्भाशय कैंसर का खतरा कम होता है।

ईस्ट एंगलिया यूनिवर्सिटी के नॉर्विच मेडिकल स्कूल की शोधकर्ता प्रोफेसर एडिन कैसिडी ने बताया कि दो शक्तिशाली पदार्थो फ्लैवोनोइड्स-फ्लैवोनोल्स और फ्लैवानंस से भरपूर खाद्य एवं पेय पदार्थो का सेवन करने वाली महिलाओं में गर्भाशय कैंसर का खतरा कम होता है।

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